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ईरान के दौरे पर आईएईए के निरीक्षकों का दल

२९ जनवरी २०१२

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग के निरीक्षकों का तीन दिन का ईरान दौरा शुरू हो गया है. आईएईए निरीक्षक यह पता लगाना चाहते हैं कि आखिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मकसद क्या है.

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तस्वीर: dapd

आईएईए के निरीक्षकों का ईरान दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब पश्चिमी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम से चिढ़ कर वहां से तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने का एलान कर चुके हैं. आईएईए के महानिदेशक यूकिया अमानो ने कहा है कि ईरान को एजेंसी के सवालों का जवाब देने की जरूरत है. तेहरान इस बात से इनकार करता है कि वह परमाणु हथियार बनाने में जुटा है.

आईएईए की टीम के प्रमुख ने उम्मीद जताई है कि वो परमाणु कार्यक्रम पर, "ईरान के साथ सभी मसलों को सुलझा लेंगे." आईएईए के उप महानिदेशक हरमान नैकियर्ट्स ने ईरान के लिए रवाना होने से पहले वियना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा, "हमें उम्मीद है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संभावित सैन्य आयामों पर वो हमारी चिंताओं के बारे में वो सोचेंगे." आईएईए में ईरान के राजदूत अली असगर सोलतानियेह ने कहा कि यह निरीक्षण दुश्मनों की साजिश को नाकाम कर ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण इरादों को साबित कर देगा.

Österreich IAEA Iran
तस्वीर: dapd

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विवाद नवंबर में आईएईए की एक रिपोर्ट के बाद ज्यादा गहरा हो गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि परमाणु कार्यक्रम के संभावित सैन्य आयामों पर चिंता जताई गई. आईएईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उसके पास ऐसी जानकारी है जिनसे ईरान ने कुछ परीक्षण किया है. आईएईए के मुताबिक ये परीक्षण नाभिकीय विस्फोट यंत्र के विकास के सिलसिले में किए गए.

Die iranische Atomforschungsanlage Natans
तस्वीर: picture-alliance/ dpa

इसके बाद से अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंध लगा दिए हैं जिनका मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना है. यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों में ईरानी कच्चे तेल के आयात, खरीद और ढुलाई के साथ ही उसकी आर्थिक गतिविधियों और बीमा पर रोक शामिल है. सारे मौजूदा करार एक जुलाई तक धीरे धीरे कर के खत्म कर दिए जाएंगे. यह समय इसलिए दिया गया है जिससे कि यूरोपीय संघ के देश तेल आयात के लिए दूसरा विकल्प तलाश कर सकें. हालांकि ईरानी सांसदों का कहना है कि वो कुछ ही दिनों के भीतर यूरोप की तेल की सप्लाई रोकने पर विचार कर रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बहुत ज्यादा चढ़ जाएंगी. ईरान ने यह धमकी भी दी है कि वह खाड़ी में जाने के होर्मुज गलियारे को बंद कर देगा. दुनिया में कारोबारी तेल का 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से हो कर गुजरता है. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते को खुला रखने के लिए वो ताकत का भी इस्तेमाल कर सकता है.

आईएईए के निरीक्षकों का दल तीन दिन तक ईरान में रह कर देश के परमाणु कार्यक्रम के इरादों के बारे में जानकारी जुटाएगा. हालांकि यह कहना मुश्किल है कि बस एक दौरे में ही परमाणु ऊर्जा एजेंसी को उसके सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः ओ सिंह

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