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जर्मनी में नए राष्ट्रपति की तनातनी जारी

१९ फ़रवरी २०१२

जर्मन राष्ट्रपति क्रिस्टियान वुल्फ के पद से हटने के बाद चांसलर मैर्केल उनके उत्तराधिकारी को ढूंढने में लगी हुई है. मैर्केल के पास 18 मार्च तक का समय है. 18 मार्च को इस सिलसिले में संवैधानिक बैठक का आयोजन किया जाएगा.

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तस्वीर: Reuters

चांसलर मैर्केल ने कहा है कि वह किसी ऐसे शख्स को राष्ट्रपति पद पर नामांकित करना चाहती हैं जिसे सारी पार्टियों का समर्थन मिल सके. मैर्केल लिबरल डेमोक्रैट्स एफडीपी और क्रिश्चियन सोशल टूनियन सीएसयू के नेताओं के साथ बर्लिन में मुलाकात कर रही हैं. दोनों पार्टियां मैर्केल की पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रैटिक यूनियन यानी सीडीयू के साथ सत्ताधारी गठबंधन में शामिल हैं. मैर्केल के साथ उनके गठबंधन ने जर्मन संवैधानिक अदालत के आन्द्रेयास फोसकूले को राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया था लेकिन फोसकूले ने इनकार कर दिया है.

उधर एसपीडी के प्रमुख जिगमार गाब्रियल ने मैर्केल से कहा है कि वह विपक्ष के सलाह के बगैर किसी भी उम्मीदवार को नामांकित न करें. गाब्रियल ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के नामांकन का कभी समर्थन नहीं करेगी. उन्होंने कहा, "अगर वे (सरकार) हमसे और संसद में बाकी पार्टियों से गंभीरता से सलाह नहीं करती, तो हम अपनी तरफ से किसी को नामांकित करने पर मजबूर हो जाएंगे. मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा नहीं होगा."

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तस्वीर: Reuters

गाब्रियल ने कहा कि उनकी पार्टी योआखिम गाउक को राष्ट्रपति के लिए लाना पसंद करेगी. गाउक एकीकरण से पहले पूर्वी जर्मनी में सामाजिक कार्यकर्ता थे और उन्होंने वहां की खुफिया एजेंसी श्टासी के दस्तावेजों की भी छानबीन की है. 50 प्रतिशत से ज्यादा जर्मन लोग गाउक को राष्ट्रपति पद में देखना चाहते हैं. गाउक को 2010 में भी इस पद के लिए नामांकित किया गया था लेकिन उस वक्त वह क्रिस्टियान वुल्फ से संवैधानिक बैठक की वोटिंग में हार गए थे. मैर्केल ने भी पिछली बार गाउक का समर्थन करने से इनकार किया था. दूसरी विपक्षी पार्टी ग्रीन्स का कहना है कि जर्मनी को अब किसी महिला को राष्ट्रपति बनाना चाहिए.

जर्मन साप्ताहिक पत्रिका बिल्ड आम जॉनटाग के मुताबिक 54 प्रतिशत जर्मन नागरिक गाउक को राष्ट्रपति के तौर पर देखना चाहते हैं. वहीं, 34 प्रतिशत का मानना है कि रक्षा मंत्री थोमास डे मेजियेर या एसपीडी के नेता फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर को राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए. एमनिड एजेंसी द्वारा किए गए जनमत सर्वेक्षणों में जनता को राष्ट्रपति पद के लिए एक से ज्यादा उम्मीदवार को अपना मत देने की इजाजत थी.

इस वक्त वुल्फ की गैर हाजिरी में संसद के प्रमुख होर्स्ट जीहोफर ने राष्ट्रपति का पद संभाला है. जेहोफर जर्मन संसद के ऊपरी सदन बुंडेसराट के प्रमुख है. इस शुक्रवार को वुल्फ ने दो महीनों से चल रहे आरोपों के बाद अपना पद त्याग दिया. वुल्फ पर आरोप थे कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर एक अखबार के संपादक को प्रभावित करने की कोशिश की. जर्मनी में राष्ट्रपति चुनाव संसद के निचले सदन बुंडेसटाग के खास चुने गए सदस्यों से बनी संवैधानिक बैठक से होता है.

रिपोर्टः डीपीए, रॉयटर्स/एमजी

संपादनः ए जमाल

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