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बोइंग के जंबो जेट ने भरी पहली सफल उड़ान

२१ मार्च २०११

एयरबस की ए 380 का मुकाबला करने के लिए बनाए गए बोइंग के विशालकाय विमान 747-8 इंटरकॉन्टिनेंटल ने रविवार को अपनी पहली सफल उड़ान भरी.

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तस्वीर: picture-alliance/dpa

शानदार दोमंजिले विमान ने स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 9 बज कर 58 मिनट पर सिएटल के बोइंग मुख्यालय में पाइने फिल्ड एयरपोर्ट से उड़ान भरी और देखते ही देखते बादलों से खाली आसमान की छाती पर चहलकदमी करने लगा. लाल, सफेद और नारंगी रंग का विमान चार घंटे से भी कम समय में वॉशिंगटन और उत्तर पश्चिमी प्रशांत तट की सैर कर वापस अपने आशियाने में लौट आया. वापस लौटने के बाद मुख्य पायलट मार्क फॉयरस्टाइन ने कहा, "सब कुछ शानदार रहा विमान उड़ान भरने के लिए पूरी तरह से तैयार है."

बोइंग के इस सबसे बड़े यात्री विमान में तीन श्रेणियों में बंटे कुल 467 लोग एक साथ सफर कर सकते हैं और ये लंबी दूरी की यात्राओं के लिए खासतौर से डिजायन किया गया है. एक बार में 8000 नॉटिकल माइल यानी करीब 14,815 किलोमीटर की दूरी तय कर सकने में सक्षम इस विमान से न्यूयॉर्क और हॉन्कॉन्ग, लॉस एंजिल्स से मुंबई, और लंदन से सिंगापुर तक बिना रुके जाया जा सकता है. 747 जंबो जेट के मुकाबले ये लंबा और ईंधन की कम खपत वाला विमान है जिसका सीधे तौर पर मुकाबला यूरोपीय एयरबस की ए 380 से है जो दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान है.

पहली उड़ान देखने वालों में जो सटर भी थे जो पहले 747 के मुख्य इंजीनियर रह चुके हैं. सटर को सम्मान देने के लिए उनके नाम के पहले अक्षरों को नए विमान के लैंडिंग गीयर बे के दरवाजे पर लिखा गया है. सटर सोमवार को 90 साल के हो जाएंगे. सटर ने कहा, "ये बड़ा शानदार अनुभव है. मेरे साथी कह रहे हैं कि मैं भी टीम का हिस्सा हूं. " एयरबस के ए 380 ने 2007 से उड़ान भरनी शुरु की और इस में 525 यात्री एक साथ सफर कर सकते हैं. बोइंग का कहना है कि 747-8 कॉन्टिनेंटल ए 380 का प्रतिद्वंदी नहीं है. हालांकि सचमुच ऐसा ही है ये कहना मुश्किल है. जर्मन एयरलाइंस लुफ्थांसा और कोरियन एयर ने दोनों तरह के विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं. एयरबस बोइंग के नए विमान से अपना सीधा मुकाबला मानता है.

बोइंग का नया विमान दुनिया का सबसे लंबा विमान है जिसकी लंबाई करीब 76.4 मीटर है यानी करीब 250 फीट. 2005 में इसे बनाने पर काम शुरू करने के एलान के बाद इसी साल फरवरी में इसे पहली बार दुनिया के सामने पेश किया गया. नए विमान को अभी 600 घंटे की परीक्षण उड़ान से गुजरना है जिसके बाद इस साल के आखिर तक इसे तैयार होने का प्रमाण पत्र हासिल हो जाएगा. कंपनी का दावा है कि उसका नया विमान किसी भी दूसरे जंबो जेट के मुकाबले ईंधन की खपत कम करता है. ए 380 के मुकाबले प्रति सीट माइल का खर्च करीब 6 फीसदी कम है. बोइंग का ये विमान इसी साल के आखिर में अपने पहले ग्राहक के पास पहुंच जाएगा. हालांकि ये ग्राहक कोई एयरलाइन नहीं है. लुफ्थांसा ने 20 विमानों के लिए ऑर्डर दिया है और उम्मीद है कि उसे 2012 की शुरुआत में विमानों की डिलीवरी शुरु हो जाएगी. अब तक बोइंग को 747-8 के 114 विमानों के लिए ऑर्डर मिल चुके हैं. इनमें से केवल 38 विमान ही यात्रियों के लिए हैं. एयर चायना ने भी पांच विमानों का ऑर्डर दिया है जिसके लिए सरकार से मंजूरी मिलनी अभी बाकी है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः महेश झा

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