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भाई के जनाजे में रो पड़े राष्ट्रपति करजई

१४ जुलाई २०११

अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई ने आतंकी हमले में मारे गए अपने भाई को दफनाने के बाद एक और भाई को अपने कबीले का प्रमुख नियुक्त किया है. वली करजई के अंतिम संस्कार में राष्ट्रपति अपने जज्बात पर काबू नहीं रख पाए और रो पड़े.

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अफगान राष्ट्रपति हामिद करजईतस्वीर: dapd

बुधवार को करजई के सौतेले भाई अहमद वली करजई को उनके पैतृक गांव कार्ज में दफनाया गया. हजारों लोगों ने अंतिम यात्रा में शिरकत की. शव को दफनाने से पहले राष्ट्रपति ने अपने मृत भाई का चेहरा चूमा और फूट फूटकर रो पड़े. कंधार प्रांत का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति समझे जाने वाले अहमद वली करजई को दफनाए जाने के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति हामिद करजई ने अपने एक और भाई शाह वली करजई को पोपलजई कबीले का नेता नियुक्त कर दिया. करजई खानदान इसी कबीले का है.

अहमद वली करजई को दफनाए जाने के मौके पर और हमले भी हुए हैं. रॉयटर्स ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से खबर दी है कि आखिरी रस्म के बाद कंधार में दो धमाके हुए. विदेशी सेनाओं ने कहा है कि उन्होंने विस्फोटकों का नियंत्रित धमाका किया है. अधिकारियों का कहना है कि आखिरी रस्म बिना किसी सुरक्षा समस्या के पूरी हो गई. लेकिन जनाजे में हिस्सा लेते जाते समय पड़ोसी हेलमंद प्रांत के गवर्नर के काफिले पर हमला किया गया. हमले में गवर्नर बाल बाल बच गए. प्रवक्ता दाऊद अहमदी ने बताया कि गवर्नर को चोट नहीं आई है और उन्होंने अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया.

Flash-Galerie Karzai Beerdigung
अहमद वली की कब्र पर दुआ पढ़ते लोगतस्वीर: dapd

अहमद वली करजई की उनके एक भरोसेमंद अंगरक्षक ने घर में ही हत्या कर दी थी. वे कंधार की प्रांतीय परिषद के प्रमुख थे, लेकिन उन्हें इलाके का बहुत प्रभावशाली नेता माना जाता था. उनकी ताकत का स्रोत उनका कबीला और उनका पारिवारिक संपर्क था. हालांकि ओहदे में वे प्रांतीय गवर्नर से नीचे थे लेकिन अपने संपर्क और अकूत संपत्ति के कारण उनके पास असली सत्ता थी. उन्हें इलाके में राष्ट्रपति करजई का दूत माना जाता था. उन पर ड्रग कारोबार से लाखों कमाने, प्रतिद्वंद्वियों को धमकाने और सीआईए के साथ संपर्क रखने केआरोप लगते रहे हैं. लेकिन उन्होंने और राष्ट्रपति ने इन आरोपों का खंडन किया है.

उनकी मौत ने देश के दक्षिण में बड़ा शून्य बना दिया है, जहां सत्ता का फैसला कबायली आधार पर होता है. आखिरी रस्म के बाद गवर्नर हाउस आए लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति करजई ने कहा, "कबायली नेताओं ने मुझे अहमद वली करजई के स्थान पर शाह वली करजई को आपका नेता चुनने का प्रस्ताव दिया है." इस प्रस्ताव के समर्थन में कबायली नेता खड़े हो गए और हाथ उठाकर प्रस्ताव का समर्थन किया. शाह वली पेशे से इंजीनियर हैं और कारोबार करते हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ए जमाल

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