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मुअम्मर गद्दाफी मारे गएः लीबिया

२० अक्टूबर २०११

लीबिया के सिर्ते शहर पर एनटीसी का कब्जा होने के बाद गद्दाफी ने एक वाहन में भागने की कोशिश की पर वह नाटो के हवाई हमले में घायल हो गए. लीबिया की नेश्नल ट्रांजीशनल काउंसिल के मुताबिक गद्दाफी मारे जा चुके हैं.

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तस्वीर: dapd

लीबिया के नए नेतृत्व ने कहा है कि देश के पूर्व नेता मोअम्मर गद्दाफी मारे जा चुके हैं. गुरुवार सुबह गद्दाफी के गढ़ सिर्ते शहर पर एनटीसी का कब्जा होने के बाद गद्दाफी को भागने के दौरान गोली मारी गई. खून में भीगे उनके शरीर को एक मोबाइल विडियो के जरिए दुनिया को दिखाया गया. अल जजीरा चैनल ने कुछ तस्वीरें दिखाईं, जो गद्दाफी के शव की बताई जा रही हैं.

Libyen Kämpfe in Sirte vor der Festnahme von Muammar al Gaddafi
तस्वीर: dapd

अमेरिका में लीबिया के दूतावास ने भी गद्दाफी के मारे जाने की पुष्टि की है. गद्दाफी के पकड़े जाने की खबर लीबिया की नेशनल ट्रांजीशनल काउंसिल के सिर्ते शहर पर कब्जे के कुछ ही देर बाद आई. सिर्ते गद्दाफी का आखिरी गढ़ था और पिछले कई हफ्तों से इस पर कब्जे के लिए एनटीसी और गद्दाफी समर्थकों में जंग हो रही थी. इस जंग को जीतने के बाद एनटीसी के सैनिक शहर में जश्न मनाते देखे गए. राजधानी त्रिपोली में भी इस जीत का जश्न मनाया गया. लोग गलियों में निकल आए और अल्लाह हो अकबर के नारे लगाने गए. वे लोग चिल्ला रहे थे, "गद्दाफी पकड़ा गया...गद्दाफी पकड़ा गया."

एनटीसी ने कई महीने की लड़ाई के बाद अगस्त में गद्दाफी से सत्ता छीन ली थी. गद्दाफी तब से ही गायब थे और ऐसा अनुमान था कि वह सिर्ते शहर में छिपे हैं. सिर्ते को लेकर कई हफ्तों से लड़ाई हो रही थी. अल जजीरा ने खबर दी है कि एनटीसी फौजों ने सिर्ते में अहमद इब्राहिम को भी गिरफ्तार कर लिया है. इब्राहिम गद्दाफी की सरकार में रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष थे. ऐसा कहा जाता है कि वह सिर्ते की जंग के प्रमुख कमांडरों में से हैं.

NO FLASH Libyen Sirte
तस्वीर: picture alliance/dpa

ब्रिटेन, रूस और फ्रांस समेत कई देशों ने गद्दाफी के मारे जाने पर प्रतिक्रियाएं दी हैं. ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि यह दिन गद्दाफी की क्रूरता का शिकार हुए लोगों को याद करने का है. फ्रांस ने भी गद्दाफी के 42 साल लंबे शासन के अंत पर संतोष जताया. नई दिल्ली की यात्रा पर गए फ्रांस के विदेश मंत्री एलेन जुप्पे ने कहा, "गद्दाफी की मौत और सिर्ते पर जीत का एलान और लीबियाई लोगों के लिए एक बेहद मुश्किल वक्त का अंत है. यह तानाशाही के 42 साल का अंत है जो लीबियाई लोगों के लिए बहुत मुश्किल रहा."

पिछले महीने लीबिया के नए नेतृत्व ने अंतरिम सरकार बनाने को टाल दिया था. एनटीसी का कहना था कि लीबिया को पूरी तरह मुक्त कराने के बाद ही सरकार बनाई जाएगी. गद्दाफी के पकड़े जाने के साथ ही मुक्ति की इस जंग को खत्म माना जा सकता है.

रिपोर्टः डीपीए/रॉयटर्स/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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