1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

ब्रिटिश संसद में सू ची का ऐतिहासिक भाषण

२२ जून २०१२

म्यामांर में लोकतंत्र की प्रतीक बनी आंग सांग सू ची पहली ऐसी व्यक्ति बन गई हैं जो किसी देश की प्रमुख नहीं हैं लेकिन उन्हें ब्रिटेन की संसद में भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया. म्यांमार भी ब्रिटेन का उपनिवेश था.

https://p.dw.com/p/15Jp4
तस्वीर: Reuters

संसद के बड़े भारी और ऐतिहासिक वेस्टमिन्स्टर हॉल में 67 साल की सू ची जैसे ही भाषण देने पहुंचीं, सांसदों ने खड़े हो कर उनका अभिवादन किया. उन्हें देश की आत्मा और मानवता के लिए हीरो कहा गया.

आंग सान सू ची ने कहा, "हमारे पास मौका है कि हम म्यांमार में फिर से लोकतंत्र स्थापित करें. यह एक ऐसा मौका है जिसके लिए हमने कई साल इंतजार किया. अगर हम इस बार सही कदम नहीं उठाते हैं तो ऐसा मौका दोबारा आने में सदियां लग जाएंगी. मैं दुनिया के सबसे पुराने संसदीय लोकतंत्र में एक ब्रिटेन से अनुरोध करूंगी कि नए लोकतंत्र को स्थिर करने के लिए वह जरूरी मदद करें."

Myanmar Pro-Demokratie-Führer Aung San Suu Kyi
म्यांमार की विपक्षी नेता आंग सान सू ची और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरनतस्वीर: Reuters

ब्रिटेन की संसद में बराक ओबामा, नेल्सन मंडेला सहित कईं बड़े नेता भाषण दे चुके हैं लेकिन एक महिला के तौर पर वह महारानी एलिजाबेथ के बाद यहां भाषण देने वाली दूसरी महिला हैं. सू ची इस वक्त 17 दिन के यूरोप दौरे पर हैं.

बुधवार को वह ऑक्सफोर्ड गई जहां वह अपने पति और दो बेटों के साथ रहती थीं. म्यांमार में 24 साल रहीं सू ची ने 15 साल नजरबंदी में काटे और वह अहिंसक राजनीतिक विरोध का प्रतीक बन गईं.

सैन्य शासन के दौरान सू ची ने देश छोड़ कर जाने से इनकार कर दिया. उन्हें डर था कि एक बार बाहर जाने के बाद उन्हें लौटने नहीं दिया जाएगा. इस फैसले का परिणाम हुआ कि वह अपने बच्चों को बड़ा होता नहीं देख सकीं और कैंसर से बीमार अपने पति के साथ आखिरी समय में नहीं रह सकीं. उनके पति माइकल एरिस की 1999 में कैंसर से मौत हो गई.

करीब 50 साल सैन्य सत्ता के बाद जुंटा ने 2011 में नागरिक सरकार के लिए रास्ता साफ किया. हालांकि सरकार में अभी भी पूर्व जनरलों की कमी नहीं. लेकिन अब देश नए सुधारों के लिए तैयार दिखता है.

Myanmar Pro-Demokratie-Führer Aung San Suu Kyi
ब्रिटेन की संसद में सू चीतस्वीर: Reuters

खतरनाक दौर

थाइन साइन ने देश में मीडिया सेंसर ढीला किया है, राजनीतिक कैदियों को रिहा किया है. विद्रोही गुटों के साथ शांति समझौते हुए हैं. सूची को नवंबर 2010 में नजरबंदी से मुक्त किया गया. अप्रैल में हुए स्थानीय चुनावों में उनकी पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी ने काफी सीटें जीती. 2015 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों में एनएलडी जीत सकती है.

आने वाले दिनों में राष्ट्रपति थाइन साइन ब्रिटेन की यात्रा करने वाले हैं. सू ची उनकी सैन्य पृष्ठभूमि के बावजूद इस यात्रा का समर्थन करती हैं, "मुझे लगता है कि उन्हें बुलाना सही है क्योंकि हम बीते समय में जकड़े नहीं रहना चाहते. हम भविष्य का उपयोग खुश कल को बनाने के लिए करेंगे." सुधार और सुधार के वादों के कारण कई पश्चिमी देशों ने म्यांमार से प्रतिबंध हटा लिये हैं. सू ची ने हालांकि निगरानी रखने वाली एजेंसियों से अपील की है कि वह उनके देश के लोकतंत्र की ओर बढ़ते कदमों पर नजर रखें.

एएम/ओएस (रॉयटर्स)